भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 (1) के तहत 14 सितंबर 1949 को हिंदी को संघ की राजभाषा स्वीकार किया गया था। हिंदी भाषी राज्य हिमाचल प्रदेश में वर्ष 1975 में राजभाषा अधिनियम पारित हुआ, जिसके अंतर्गत 26 जनवरी 1978 से राज्य के समस्त प्रशासनिक कार्य हिंदी में करना अनिवार्य किया गया।
प्रदेश में हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा 1 से 14 सितंबर तक ‘राजभाषा हिंदी पखवाड़ा’ मनाया जा रहा है। इसके तहत सभी जिलों में साहित्यिक गोष्ठियों और छात्र प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
पखवाड़े के मुख्य आयोजनों में 12 सितंबर को बचत भवन, रिकांगपियो (किन्नौर) में राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें प्रदेश के 30-35 कवि भाग लेंगे। वहीं 13 सितंबर को राज्य स्तरीय अंतर-महाविद्यालयीय भाषण, निबंध व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं होंगी।
विभाग की निदेशक श्रीमती रीमा कश्यप ने बताया कि 14 सितंबर को मुख्य समारोह में डॉ. सत्य नारायण स्नेही “जनभाषा और तकनीकी भाषा के रूप में हिंदी की व्यावहारिक स्थिति” पर वक्तव्य देंगे। इसके बाद मुख्य अतिथि द्वारा हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, विभागों और प्रतियोगिता विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर हिमाचल अकादमी द्वारा राज्य के इतिहास, कला व संस्कृति पर आधारित पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।


