हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति और प्रदेश के समग्र विकास से जुड़े वित्तीय विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को निरंतर दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य के संतुलित एवं सतत विकास के लिए केंद्र का समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रदेश की वित्तीय सुदृढ़ता, आधारभूत संरचना के विकास, आपदा राहत और विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए अधिकतम वित्तीय सहायता की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के हिमाचल प्रदेश हितों पर ध्यान देने की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश को जितना समर्थन मिला, वह पिछले 70 वर्षों में भी नहीं मिला। विशेष राज्य का दर्जा होने के बावजूद केंद्र द्वारा प्रायोजित 191 योजनाओं में 90% खर्च केंद्र वहन करता है।
जयराम ठाकुर ने बताया कि इस महीने हिमाचल प्रदेश को वाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं (EAP) के जरिए 3,000 करोड़ रुपए की मदद मिली है। इसमें स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 1,617 करोड़ रुपए का परियोजना स्वीकृत हुआ, जिसमें 1,165 करोड़ केंद्र सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे। इसके तहत 5 मेडिकल कॉलेज और 86 स्वास्थ्य संस्थाओं में व्यवस्थाएं बेहतर होंगी। इसके अलावा, आपदा पुनर्निर्माण हेतु विश्व बैंक द्वारा 1,992 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ, जिसमें 1,792 करोड़ केंद्र सरकार द्वारा कवर किया जाएगा।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के हालिया बयान की निंदा करते हुए कहा कि हिमाचल भवन और सदन राज्य की प्रतिष्ठा और पहचान के प्रतीक हैं और इसे षड्यंत्र का अड्डा नहीं बनने दिया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस की दिल्ली कैबिनेट यात्रा पर भी सवाल उठाया, कहा कि मुख्यमंत्री और उनकी टीम ने प्रधानमंत्री या वित्त मंत्री से मिलने की पहल नहीं की और केवल राजनीतिक समीकरणों में व्यस्त रही।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि वे हिमाचल प्रदेश के विकास और जनता के हितों के लिए लगातार केंद्र सरकार के समक्ष आवाज उठाते रहेंगे।



