उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज यहां कहा कि मौसम परिवर्तन के कारण उत्पन्न होने वाले जल जनित रोगों से हमें सचेत व सजग रहना आवश्यक है। इस दौरान बासी एवं बिना ढके खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। दस्त, आंत्र शोध, पीलिया व टाइफायड जैसे जल जनित रोगों से बचने के लिए हम साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने पानी को लगभग 15 मिनट तक उबाल कर पिने व गले-सड़े या कटे फल सब्जियों का प्रयोग न करने की हिदायत दी। भोजन से पूर्व या शौच के उपरांत हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोने को अनिवार्य रूप से अपनाने की बात कही।

आदित्य नेगी ने कहा कि जल जनित रोगों से हम सही जानकारी और सतर्कता बरतते हुए निजात पा सकते हैं। उन्होंने पानी दूषित होने अथवा समस्या ग्रस्त क्षेत्रों में क्लोरीन मिला पानी पीने की आवश्यकता पर बल देते हुए घर की टंकियों को नियमित रूप से साफ करने को कहा। उन्होंने सब्जी, फल साफ पानी से धोने व जल स्त्रोत साफ रखने और इसके नजदीक शौच या उल्टी न करने का आग्रह किया। उन्होंने खाद्य पदार्थ विक्रेताओं को भी सामान ढक कर रखने के निर्देश दिए तथा अवहेलना करने वाले के प्रति कार्यवाही अमल में लाने को कहा। उन्होंने बदलते मौसम को देखते हुए लोगों से पानी व खान-पान के प्रति सावधानी बरतने का अनुरोध किया ताकि स्वयं के साथ-साथ परिवार के स्वास्थ्य में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उपायुक्त ने आह्वान किया कि जन साधारण अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहे अथवा किसी स्वास्थ्य समस्या उजागर होने पर जल्द निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर तुरन्त जांच करवाएं। उन्होंने कहा कि दूषित जल से फैलने वाले रोग लापरवाही के कारण जानलेवा हो सकते हैं।


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