
जिला किन्नौर के पंगी और रारंग की सीमा पर वीरवार देर रात बादल फटने से काशंग नैहर को भारी क्षति पहुंची है, जिससे थोपन, स्वादेन, रारंग, खादरा और आकपा सहित पांच गांवों की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। यह नैहर इन गांवों की खेती के लिए जीवनरेखा मानी जाती है।
घटना की जानकारी मिलते ही कृषि विकास संघ रारंग की एक टीम ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद संघ के प्रतिनिधियों ने राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी से मुलाकात कर उन्हें नुकसान से अवगत कराया। मंत्री ने क्षेत्र का आकलन कर शीघ्र ही नुकसान की भरपाई और समाधान का आश्वासन दिया।
संघ के अध्यक्ष नवरतन नेगी और महासचिव रिंगचेन बिष्ट ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि काशंग नैहर को प्राथमिकता के आधार पर पुनर्स्थापित किया जाए ताकि प्रभावित गांवों के किसानों और बागवानों को सिंचाई सुविधा दोबारा उपलब्ध हो सके।
गौरतलब है कि काशंग-जंगी सिंचाई नैहर का पहला चरण करीब 26 किलोमीटर लंबा है और यह पूरे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है।



