हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को केंद्रीय विद्यालय, कोटखाई का दौरा कर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद किया। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर अपने विचार साझा किए, छात्रों के प्रश्नों के उत्तर दिए और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि कोटखाई में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है, जिससे स्थानीय विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालय संगठन एनसीईआरटी और सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित समान एवं उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराता है। कम शुल्क, देशभर में स्थानांतरण की सुविधा, एक समान पाठ्यक्रम, अखिल भारतीय स्तर पर चयनित शिक्षक तथा स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, रोबोटिक्स, खेल और सह-शैक्षणिक गतिविधियां इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय का स्थायी भवन जल्द ही कोटखाई के समीप कुफटू फार्म में बनाया जाएगा। फिलहाल विद्यालय का संचालन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (कन्या), कोटखाई के भवन से हो रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कुल बजट का लगभग 18 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च कर रही है। दूरदराज़ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से पहले चरण में 151 सरकारी विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया गया है। साथ ही शिक्षा विभाग में रिक्त करीब 15 हजार पदों में से 9 हजार भरे जा चुके हैं, जबकि लगभग 3 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
दौरे के दौरान रोहित ठाकुर ने डीएवी महाविद्यालय, कोटखाई में रूसा योजना के तहत 1.60 करोड़ रुपये की लागत से बने कन्या छात्रावास का उद्घाटन भी किया। 36 बेड क्षमता वाले इस छात्रावास में मैस और दो वार्डन कक्ष की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने कहा कि डीएवी देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक है, जो आधुनिक शिक्षा को भारतीय संस्कृति और वैदिक मूल्यों के साथ जोड़ते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने डीएवी महाविद्यालय, कोटखाई को क्षेत्र का प्रमुख शिक्षण संस्थान बताते हुए इसके योगदान की सराहना की।



