प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज अपने विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई की सीमांत कुड्डू पंचायत का दौरा किया, जहाँ उन्होंने हालिया भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हुई क्षति का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि उपमंडल जुब्बल में आपदा से सर्वाधिक नुकसान कुड्डू पंचायत में हुआ है।
मंत्री ने कहा कि क्षेत्र की मुख्य कुड्डू-सराजी सड़क को बहाल कर दिया गया है, और सीमावर्ती शिलोल सड़क को भी चालू कर दिया गया है, जिससे सेब उत्पादकों को राहत मिलेगी और उनकी फसल मंडियों तक समय पर पहुँच सकेगी। उन्होंने जानकारी दी कि इस साल बरसात के कारण हिमाचल प्रदेश को भारी क्षति हुई है और जुब्बल क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहा।
ठाकुर ने बताया कि ऊपरी शिमला के दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग – एनएच-705 (ठियोग-हाटकोटी) और एनएच-707 (हाटकोटी-पावंटा साहिब) पर विभिन्न स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग, पुलिस, और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की त्वरित कार्रवाई से यातायात सुचारु रूप से संचालित हो रहा है।
उन्होेंने कहा कि जुब्बल मंडल के अंतर्गत सड़कों को लगभग ₹57 करोड़ का नुकसान हुआ है, लेकिन सेब सीज़न की गंभीरता को देखते हुए अधिकांश संपर्क मार्ग बहाल कर दिए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में बहाली का कार्य तेजी से जारी है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि बागवानों की सेब की फसल सुरक्षित और समय पर मंडी तक पहुँचे, क्योंकि यह क्षेत्र की मुख्य आजीविका है। उन्होंने बताया कि वे लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं और अन्य संपर्क मार्गों की बहाली का कार्य भी रात-दिन किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार की मंडी माध्यस्थता योजना के तहत जुब्बल क्षेत्र में 28 सेब खरीद केंद्र संचालित हैं, जहाँ अब तक 11,000 मीट्रिक टन सेब खरीदे जा चुके हैं।
ठाकुर ने यह भी बताया कि भारी वर्षा से विद्युत और जल योजनाओं को भी नुकसान पहुँचा है। बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है और पेयजल योजनाओं की अस्थायी बहाली का कार्य भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। सभी विभागों के कर्मचारी लगातार तत्परता से कार्य कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त उन्होंने सोलंग, पंद्राणु, झलटा और गिलटाड़ी पंचायतों से आए ग्रामीणों से भी संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को सुना।
इस अवसर पर उपमंडल दंडाधिकारी जुब्बल गुरमीत नेगी, डीएसपी रोहड़ू, बीडीओ जुब्बल, नायब तहसीलदार सरस्वती नगर, एवं सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


