लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार को शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चनोग के पोआबो में लगभग ₹3.50 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर गांव को सड़क सुविधा से जोड़ना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
मंत्री ने कहा कि चनोग पंचायत शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की अंतिम पंचायत है, इसलिए इसे विकास की दृष्टि से प्राथमिकता देना सरकार का दायित्व है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए तीन प्रमुख संपर्क सड़कों को चौड़ा और पक्का किया जा रहा है। इनमें कफलेड संपर्क सड़क पर ₹89 लाख, पोआबो–सुजाना संपर्क सड़क पर ₹86 लाख तथा शाल–चनोग संपर्क सड़क पर ₹90 लाख की लागत से कार्य किया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि उद्घाटन की गई परियोजनाओं में पोआबो रेस्ट हाउस के निर्माण पर ₹39 लाख, प्राथमिक पाठशाला चनोग में दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण पर ₹8 लाख, कफलेड खेल मैदान पर ₹3 लाख, सुजाना खेल मैदान पर ₹5 लाख तथा बरोग खेल मैदान पर ₹19 लाख खर्च किए गए हैं। मंत्री ने ग्रामीणों को बधाई देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह के विकास कार्य आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं और उन्हीं के मार्गदर्शन में क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि जुब्बड़हट्टी और आसपास का क्षेत्र नकदी फसलों के लिए जाना जाता है और किसान-बागवान प्राकृतिक खेती से अपनी आर्थिकी मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने किसानों से सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर योजनाओं में सुधार किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि पोआबो में निर्मित रेस्ट हाउस को ईको-टूरिज्म से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि हिमाचल के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पूरे प्रदेश में संतुलित विकास किया जा रहा है।
मंत्री ने शालाघाट से शिमला तक प्रस्तावित फोरलेन परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके सर्वे में आंशिक बदलाव किया गया है और अब यह धमून, खलग व जाठिया देवी के समीप से होकर गुजरेगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाने का आह्वान किया, ताकि भूमि अधिग्रहण के दौरान उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि शालाघाट से शिमला तक की पुरानी सड़क अब राज्य राजमार्ग के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग को सौंप दी गई है, जिसके सुधार के लिए केंद्र सरकार ने ₹25 करोड़ स्वीकृत किए हैं। अब तक चनोग पंचायत में ₹6.10 करोड़ की राशि विकास कार्यों पर खर्च की जा चुकी है, जबकि लगभग ₹2 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत केंद्र से ₹2,300 करोड़ की स्वीकृति मिली है, जिसमें 250 की आबादी वाली बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा। इस योजना में शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की चार सड़कें भी शामिल की गई हैं। इसके अलावा सुन्नी, घणाहट्टी और शोघी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है, जबकि खलग स्कूल के लिए भी भविष्य में प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि शिमला ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल से वंचित घरों की पहचान के लिए सर्वे कराया जा रहा है, जिसके आधार पर ₹20 से ₹25 करोड़ की डीपीआर तैयार कर स्वीकृति हेतु भेजी जाएगी।
इससे पहले ग्राम पंचायत चनोग के प्रधान मनोज कुमार ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और पंचायत में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी। मंत्री ने पंचायत की विभिन्न मांगों को चरणबद्ध रूप से पूरा करने का आश्वासन देते हुए विकास कार्यों के लिए ₹6 लाख देने की घोषणा भी की।


