अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने नाहन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महिलाओं के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में क्लास-3 पदों की भर्ती में महिलाओं को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा और इसके लिए कानून बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में महिला सब-इंस्पेक्टर की विशेष भर्ती, नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन, तथा महिला सम्मान राशि को एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने की भी घोषणा की। इसके अलावा, पीजी कॉलेज नाहन में एमएससी जिओलॉजी, एमबीए और एमए हिस्ट्री की कक्षाएं अगले सत्र से शुरू होंगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की प्राथमिकता महिलाओं का कल्याण है। बेटियों को बेटों के बराबर अधिकार देने के साथ 150 बीघा पैतृक संपत्ति में अधिकार सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च सरकार वहन कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बेटियों की विवाह आयु 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष की गई है और विधवाओं के पुनर्विवाह को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पुलिस भर्ती में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है और आगामी वर्ष से महिलाओं को 1500 रुपये पेंशन देने पर विचार किया जा रहा है।
सुक्खू ने वर्ष 2023 और 2025 की आपदाओं के दौरान राज्य सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों को दिए गए राहत पैकेज और मुआवजे की भी जानकारी दी। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद करने की आलोचना की और कहा कि प्रदेश के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का भी विवरण दिया। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि का जिक्र किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक एवं कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, और अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी महिलाओं के अधिकार और उनके सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य गणमान्य अतिथि थे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर, पूर्व विधायक किरनेश जंग, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार, और अन्य।
मुख्य संदेश: मुख्यमंत्री ने महिलाओं को सशक्त बनाने, समान अवसर देने और उनकी कल्याण योजनाओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई, और प्रदेश में महिलाओं को नेतृत्व और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में काम करने का आश्वासन दिया।



