नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मणिमहेश यात्रा के दौरान हुए कुप्रबंधन और राहत कार्यों की लचर व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के दौरान श्रद्धालु पांच दिनों तक फंसे रहे, लेकिन सरकार द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे बिहार में राजनीतिक दौरे में व्यस्त रहे, जबकि चंबा दौरे के दौरान भी प्रभावित क्षेत्रों तक नहीं पहुंचे।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार मणिमहेश त्रासदी से जुड़ी सच्चाई को छुपा रही है और रेस्क्यू ऑपरेशनों को लेकर झूठे आंकड़े पेश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कुछ श्रद्धालुओं ने प्रशासनिक उपेक्षा के कारण कई दिनों तक पैदल सफर करके बाहर निकलना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि हेलिकॉप्टर से चंबा पहुंचाने के लिए प्रति व्यक्ति ₹75,000 तक वसूले गए, जो आपदा को अवसर में बदलने का शर्मनाक उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मंत्री, श्रद्धालुओं से बहस करते नजर आए, जो कि बेहद असंवेदनशील और निंदनीय व्यवहार है। मंत्री से जुड़े बदसलूकी के आरोपों को भी उन्होंने शर्मनाक करार दिया।
जयराम ठाकुर ने चंबा के स्थानीय लोगों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन समय में श्रद्धालुओं की ‘अतिथि देवो भव’ की भावना से सेवा की। उन्होंने हिमाचल की जनता और बीजेपी कार्यकर्ताओं के आपदा राहत प्रयासों की भी सराहना की।
इस मौके पर उन्होंने फागू में ‘मन की बात’ कार्यक्रम भी सुना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी अभियान से जुड़ने की अपील का समर्थन किया। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और आपदा प्रभावितों को सहयोग देने की अपील की।



