हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग द्वारा रैंप (RAMP) कार्यक्रम के तहत मशोबरा में स्वयं सहायता समूहों के लिए “बाज़ार में सफलता, स्थिरता और वित्तीय प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य समूहों को उनके व्यवसायों की कमियों को दूर करने और बाज़ार में उनकी बिक्री तथा स्थायित्व को बेहतर बनाने में मदद करना रहा।
उद्योग विभाग शिमला की विस्तार अधिकारी मुख्य अतिथि समृति गुलेरिया और अन्य विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में 75 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को उत्पाद की गुणवत्ता, आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग, सही मूल्य निर्धारण और ग्राहकों की मांग के अनुसार बदलाव करने पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर सदस्यों ने अपनी चुनौतियों को साझा करते हुए अपने उत्पादों को अधिक प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ बनाने के उपायों पर चर्चा की।
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