सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन आशीर्वाद से संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा ‘वननेस वन’ परियोजना का पांचवां चरण देशभर के 600 से अधिक स्थलों पर श्रद्धा, समर्पण और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इसी क्रम में शिमला के कमला नेहरू हॉस्पिटल में भी पौधारोपण और स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया, जिसमें सेवादल के स्वयंसेवकों और स्थानीय संगत ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर जोनल इंचार्ज एन.पी.एस. भुल्लर जी सहित सेवादल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
संत निरंकारी मंडल के सचिव, जोगिंदर सुखीजा जी ने बताया कि ‘वननेस वन’ मात्र वृक्षारोपण की पहल नहीं, बल्कि यह प्रकृति से जुड़ाव, मानवीय उत्तरदायित्व और सह-अस्तित्व की भावना को सशक्त करने की दिशा में एक समर्पित आंदोलन है।
वर्ष 2021 में आरंभ हुआ यह अभियान आज ऐसे हरित क्षेत्रों में तब्दील हो चुका है, जो लघु वनों का स्वरूप ले रहे हैं। प्रवासी पक्षियों की वापसी और जैव विविधता की पुनः उपस्थिति यह दर्शाती है कि यह प्रयास केवल पर्यावरण-संरक्षण नहीं, बल्कि प्रकृति के पुनर्जीवन का माध्यम बन चुका है।
यह अभियान आने वाली पीढ़ियों को हरित भविष्य देने के उद्देश्य से पौधों के संरक्षण और सतत देखभाल के प्रति प्रतिबद्ध है। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और प्रकृति प्रेम की एक जीवंत साधना है, जिसे निरंकारी मिशन आध्यात्मिक भाव से निभा रहा है।
‘वननेस वन’ यह स्पष्ट करता है कि वृक्ष लगाना केवल पर्यावरणीय ज़रूरत नहीं, बल्कि एक संस्कार है। सेवा करना सिर्फ कर्तव्य नहीं, एक साधना है — और यही संदेश निरंकारी मिशन अपने कार्यों से समाज को दे रहा है।