अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 (8 से 12 जून) में हिमाचल प्रदेश की लोक संस्कृति, कला और संगीत की भव्य झलक देखने को मिलेगी। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 200 कलाकार लोक गीत, नृत्य और वाद्य प्रस्तुतियों के माध्यम से हिमाचली परंपराओं को मंच पर जीवंत करेंगे। यह आयोजन स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले दर्शकों को हिमाचल की सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
उपायुक्त शिमला एवं आयोजन समिति अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने बताया कि ग्रीष्मोत्सव का उद्देश्य दूरदराज क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे लाकर उन्हें बड़ा मंच देना है। कार्यक्रम में रोजाना हिमाचली कलाकारों के साथ-साथ एनजेडसीसी पटियाला के सहयोग से विभिन्न राज्यों के लोक कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिनमें उत्तराखंड, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के लोक नृत्य शामिल हैं।
इस वर्ष का मुख्य आकर्षण 10 जून को पंजाबी गायक बॉबी सिद्धू की प्रस्तुति होगी।
ग्रीष्मोत्सव के तहत गेयटी थिएटर में आयोजित “वॉइस ऑफ माउंटेन्स” गायन प्रतियोगिता में देशभर से आए करीब 60 प्रतिभागियों ने अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा।
कार्यक्रम का शुभारंभ एडीएम (प्रोटोकॉल) ज्योति राणा ने किया। चयन प्रक्रिया के बाद 30 प्रतिभागियों को थिएटर राउंड के लिए चुना गया है, जो 7 जून को होगा। इसके बाद टॉप-10 प्रतिभागी 8 से 12 जून तक मुख्य मंच पर फाइनल राउंड में प्रस्तुति देंगे।
यह प्रतियोगिता देशभर की युवा प्रतिभाओं को एक साझा मंच देकर संगीत और संस्कृति का सुंदर संगम प्रस्तुत कर रही है।
मीमांसा 2026: गेयटी में सजेगा साहित्य, कला और सृजन का महोत्सव



