उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज बचत भवन सभागार में 15 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुँचाया जाए, ताकि योजनाओं के मूल उद्देश्य सफल हो सकें।
बैठक में बताया गया कि जिले में 2154 आंगनबाड़ी केंद्र कार्यरत हैं, जिनमें से 231 केंद्र अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में स्थित हैं। वर्तमान में 11 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और 7 सहायिकाएं अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को आवासीय शिक्षा सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। शिक्षा खंड छौहारा के आंध्रा केंद्र में वर्तमान में 96 छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।
उर्दू शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संजौली और राजकीय उच्च पाठशाला कैथू में उर्दू विषय पढ़ाया जा रहा है। तकनीकी शिक्षा के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024–25 में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज प्रगति नगर में 2, फार्मेसी कॉलेज रोहड़ू में 10, पॉलिटेक्निक कॉलेज प्रगति नगर में 5 तथा आईटीआई शिमला में 11 अल्पसंख्यक छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
वित्तीय सहायता योजनाओं की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि टर्म लोन योजना के तहत अब तक 3637 लाभार्थियों को ₹108.63 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं, वित्त वर्ष 2025–26 में 40 लाभार्थियों को ₹2.38 करोड़ दिए गए हैं। शिक्षा ऋण योजना के अंतर्गत 40 छात्रों को ₹1.88 करोड़ तथा चालू वर्ष में 1 छात्र को ₹18 लाख की सहायता प्रदान की गई है।
अल्पसंख्यक बहुल मलिन बस्तियों के विकास हेतु 1 अप्रैल 2023 से 15 जुलाई 2025 के बीच शिमला की विभिन्न कॉलोनियों—बंगाली कॉलोनी (टूटू), ईदगाह कॉलोनी (रूलदू भट्टा), कुष्ठ रोगी कॉलोनी (डाउनडेल फागली) और बंगाली कॉलोनी (संजौली) में कुल 14 विकास कार्य पूर्ण किए गए, जिन पर ₹65.41 लाख खर्च किए गए हैं।
इसी क्रम में उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) की समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में योजना के तहत चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि यह योजना अनुसूचित जातियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभा रही है और इसका लाभ भी पूर्ण रूप से पात्र लाभार्थियों तक पहुँचना चाहिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि योजना के तहत जिले की 30 पंचायतों के 39 गांव शामिल किए गए हैं। इनमें से 20 गांवों की विकास योजनाएं पहले ही स्वीकृत की जा चुकी हैं, जबकि इस बैठक में 12 और गांवों की योजनाओं को अनुमोदन प्रदान किया गया। शेष 7 गांवों की योजनाओं को शीघ्र पूर्ण कर केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए।
अब तक इस योजना के अंतर्गत ₹3.65 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें से पंचायतें ₹1.68 करोड़ की राशि खर्च कर चुकी हैं। उपायुक्त ने शेष बजट के त्वरित उपयोग के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रत्न नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल, संयुक्त आयुक्त नगर निगम शिमला भुवन शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा, विभिन्न पंचायत प्रतिनिधि, खंड विकास अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



