नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नीट परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार की कार्रवाई की सराहना करते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार पर पेपर लीक मामलों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
शिमला से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि नीट मामले में केंद्र सरकार ने तत्काल कदम उठाते हुए जांच सीबीआई को सौंपी, दोषियों की गिरफ्तारी की गई, कानूनी कार्रवाई शुरू की गई और पुनः परीक्षा भी आयोजित करवाई गई। उन्होंने कहा कि पुनः परीक्षा का परिणाम भी घोषित हो चुका है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी कार्रवाई की है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में पेपर लीक मामलों में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया। उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसियों की सिफारिशों के बावजूद कुछ मामलों में रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने हालिया पुलिस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि मामले में साक्ष्य और मनी ट्रेल सामने आने के बावजूद सरकार ने इसे दबाने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित अभ्यर्थियों की शिकायतों को भी गंभीरता से नहीं सुना गया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं को युवाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करने से पहले हिमाचल सरकार से जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस युवाओं को गुमराह कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।



