भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित ‘PMFME Conclave 2026’ में शिमला जिले को ‘बेस्ट परफॉर्मेंस अवॉर्ड’ से नवाजा गया है। हिमाचल प्रदेश में योजना के सफल संचालन और अभूतपूर्व योगदान के लिए जिला नोडल अधिकारी संजय कँवर ने यह सम्मान प्राप्त किया। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाने और सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। वर्ष 2021 से अब तक जिले में कुल 3,297 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3,185 आवेदन बैंकों को भेजे गए और 2,210 मामलों में ऋण स्वीकृत हो चुका है। वर्तमान में 130 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। इसके अलावा, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 5 सितंबर के बीच 284 नए मामले बैंकों को अनुशंसित किए गए हैं। इस बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पंकज शर्मा, ज्ञान सागर नेगी, कृषि उप निदेशक अजब नेगी और बागवानी उप निदेशक सुदर्शना नेगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम (PMFME) केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को वित्तीय, तकनीकी और संस्थागत सहायता प्रदान करना है। यह योजना ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) की अवधारणा पर ध्यान केंद्रित करते हुए छोटे उद्यमियों को सब्सिडी, प्रशिक्षण और ब्रांडिंग में मदद करती है। इसका मुख्य लक्ष्य स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और खाद्य उत्पादों के मूल्य संवर्धन से उद्यमियों की आय में वृद्धि करना है।
देश को स्वावलंबी बनाने की पहल क्रिटिकल मिनरल्स और स्वदेशी तकनीकों पर जोर


