मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार जिला अस्पतालों और सभी सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है, ताकि लोगों को अपने घर के नजदीक ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सके। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पताल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और इन्हें अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सशक्त बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, कुल्लू, ऊना और सोलन, जिला अस्पताल किन्नौर, डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन, जोनल अस्पताल धर्मशाला तथा सिविल अस्पताल पालमपुर में 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी। वहीं, प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें लगाने की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे विशेषज्ञ स्तर की जांच सुविधाएं और मजबूत होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं में स्तन कैंसर की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला अस्पताल नाहन और हमीरपुर, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर और सोलन तथा जोनल अस्पताल धर्मशाला में डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें भी स्थापित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के लिए 42 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी है, जिनमें से 14 मशीनें प्राप्त हो चुकी हैं। इन मशीनों को विशेष रूप से दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, ताकि छाती की जांच और तपेदिक (टीबी) की शीघ्र पहचान संभव हो सके। इससे मरीजों का समय पर उपचार सुनिश्चित होगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी चमियाना, आईजीएमसी शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर तथा श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज नेरचौक में 256 स्लाइस की अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीनें स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों को डिजिटल एक्स-रे और 4डी अल्ट्रासाउंड मशीनों से भी सुसज्जित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी चिकित्सा उपकरणों की खरीद उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप की जाए और उनकी गुणवत्ता अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के स्तर की सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के रेडियोलॉजी विभागों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के भी निर्देश दिए, ताकि लोगों को आधुनिक जांच और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों, पैरामेडिकल कर्मियों और तकनीकी स्टाफ की भर्ती की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को शीघ्र भरा जा रहा है और सभी सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण दवाओं की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को विशेषज्ञ उपचार के लिए राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े।



