34वीं राज्य स्तरीय राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) महिला खेलकूद प्रतियोगिता का चार दिवसीय आयोजन रविवार को आईटीआई चौड़ा मैदान में संपन्न हुआ। समापन समारोह में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेता और उपविजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
समारोह की शुरुआत में उपायुक्त ने खिलाड़ियों, छात्राओं, प्रशिक्षकों और स्टाफ को चिट्टा सहित सभी प्रकार के नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से नशामुक्त हिमाचल के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में अनुपम कश्यप ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम हैं। खेलों से अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और विपरीत परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाला प्रत्येक खिलाड़ी अपने आप में विजेता होता है, क्योंकि वह संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास जैसी महत्वपूर्ण सीख हासिल करता है।
उन्होंने कहा कि आज बेटियां शिक्षा, खेल, विज्ञान, प्रशासन, सेना और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। छात्राओं को अपने कौशल को लगातार निखारते हुए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए समर्पण व मेहनत से कार्य करने की प्रेरणा दी।
उपायुक्त ने कहा कि सफलता के लिए अनुशासन और समय का सदुपयोग सबसे आवश्यक है। यदि विद्यार्थी अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहें तो कोई भी चुनौती उन्हें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। खेल हमें हार से सीखने और जीत के बाद विनम्र बने रहने का संदेश देते हैं।
उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चिट्टा और अन्य मादक पदार्थ समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। नशा केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को प्रभावित करता है। युवाओं को अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों में लगानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई युवा नशे की चपेट में है तो उसे समाज से अलग करने के बजाय उसे इस दलदल से बाहर निकालने का प्रयास करना चाहिए। समाज और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों से ही नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
उपायुक्त ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने चिट्टा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ सूचना देने वालों के लिए 10 हजार रुपये से 10 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था की है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी बिना किसी भय के पुलिस या प्रशासन को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का अवसर प्रदान करते हैं।
समारोह में मुख्य अतिथि को शॉल, हिमाचली टोपी और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। राज्य के 11 जिलों से आए 408 खिलाड़ियों ने चार दिवसीय प्रतियोगिता में भाग लिया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी एवं कार्यवाहक प्रधानाचार्य विवेक मेहता, आईटीआई चौड़ा मैदान के प्रधानाचार्य कार्तिक ठाकुर, विभिन्न जिलों के प्रशिक्षक, खिलाड़ी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता के परिणाम
खेल प्रतियोगिताएं
- वॉलीबॉल : जिला सोलन विजेता, जिला शिमला उपविजेता।
- खो-खो : जिला शिमला विजेता, जिला सोलन उपविजेता।
- बैडमिंटन : जिला कांगड़ा प्रथम, जिला मंडी द्वितीय।
- कबड्डी : जिला सोलन विजेता, जिला शिमला उपविजेता।
सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं
- एकल गायन : जिला शिमला प्रथम, जिला किन्नौर प्रथम उपविजेता, जिला कुल्लू द्वितीय उपविजेता।
- स्किट : जिला शिमला विजेता, जिला कुल्लू प्रथम उपविजेता, जिला मंडी द्वितीय उपविजेता।
- समूह गायन : जिला बिलासपुर विजेता, जिला शिमला प्रथम उपविजेता, जिला चंबा द्वितीय उपविजेता।
- लोक नृत्य : जिला चंबा विजेता, जिला सोलन प्रथम उपविजेता, जिला कुल्लू द्वितीय उपविजेता।
- मार्च पास्ट : जिला शिमला प्रथम, जिला कुल्लू द्वितीय।
ओवरऑल ट्रॉफी
- ओवरऑल स्पोर्ट्स ट्रॉफी : जिला सोलन।
- ओवरऑल कल्चरल ट्रॉफी : जिला शिमला।



