हिमाचल प्रदेश टी.बी. उन्मूलन की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में सराहनीय कार्य कर रहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत प्रदेश ने न केवल संक्रमण की रोकथाम में सफलता पाई है, बल्कि जनसहभागिता को भी प्रमुखता दी है।
राज्य सरकार का मानना है कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक भागीदारी का परिणाम है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी रोगियों की पहचान, वैज्ञानिक उपचार एवं संक्रमण नियंत्रण में निरंतर कार्य किया जा रहा है, लेकिन रोगियों को उचित पोषण, मानसिक एवं सामाजिक सहयोग की भी अत्यंत आवश्यकता होती है।
इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा “निक्षय मित्र“ पहल की शुरुआत की गई है, जिसके तहत समाज के सभी वर्ग — जैसे सामान्य नागरिक, जन प्रतिनिधि, कॉर्पोरेट संस्थाएं, धार्मिक संगठन या स्वयंसेवी समूह — टीबी रोगियों को गोद लेकर उन्हें पोषण सामग्री, भावनात्मक समर्थन और आवश्यक सहायता प्रदान कर सकते हैं। यह एक पुनीत और जनकल्याणकारी कार्य है जो समाज को सीधे जोड़ता है।
राज्यपाल और सरकार की ओर से सभी प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि वे इस अभियान में निक्षय मित्र बनकर सक्रिय भागीदारी निभाएं और हिमाचल को टीबी मुक्त राज्य बनाने में योगदान दें।
टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है। आइए, हम सब मिलकर इस जन आंदोलन में शामिल हों और कहें —
“टीबी हारेगा – प्रदेश जीतेगा – देश जीतेगा”
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