सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल, ढली में शनिवार को वार्षिक दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि “शिक्षा ही भविष्य निर्माण की नींव है और अच्छी शिक्षा ही बेहतर समाज और राष्ट्र का मार्ग प्रशस्त करती है।“ उन्होंने बच्चों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के वीरों पर प्रस्तुत किए गए नाटकों की सराहना करते हुए कहा कि यह भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश को मिली आज़ादी अनेक बलिदानों की देन है, जिसे हमें कभी नहीं भूलना चाहिए और इसकी गाथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचनी चाहिए।
मंत्री ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें, बल्कि उन्हें अच्छे संस्कार भी दें। उन्होंने चिंता जताई कि आज की युवा पीढ़ी नशे की ओर बढ़ रही है। इस सामाजिक बुराई से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने सख्त कानून बनाए हैं और पूरे राज्य में नशे के खिलाफ अभियान चल रहा है। पुलिस विभाग भी इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई कर रहा है।
अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने “हिम ईरा” ब्रांड का ज़िक्र किया, जिसके अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है।
स्कूल की प्रधानाचार्या सिस्टर ग्रेस दावा मेरी ने कहा कि शिक्षा समाज को नई दिशा देती है और यही बदलाव का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि स्कूल का उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है और छात्र शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक व सामाजिक क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
छात्राओं द्वारा वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें स्कूल में वर्ष भर की गई शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का विवरण दिया गया।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियाँ हुईं। स्वागत गीत से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, इसके बाद प्रार्थना नृत्य, और फिर “झांसी की रानी: आज़ादी की वीरांगना” पर आधारित नाट्य प्रस्तुति हुई, जिसका निर्देशन पूनम शर्मा ने किया था। “आजादी नृत्य” के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्षों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में जलियांवाला बाग हत्याकांड, दांडी यात्रा, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों का सजीव नाट्य रूपांतरण किया गया, जिसने मुख्य अतिथि और अभिभावकों को भावविभोर कर दिया।








