राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत जिला सड़क सुरक्षा समिति, शिमला तथा क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा आज रिज मैदान पर एक दिवसीय रक्तदान शिविर एवं नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने मुख्यातिथि और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। शिविर के दौरान 54 लोगों ने रक्तदान किया, जबकि 119 लोगों की आंखों की जांच की गई।
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि “सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का संकल्प है।” उन्होंने “ARRIVE ALIVE” के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए बताया कि 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक जिला शिमला में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान हेलमेट और सीट-बेल्ट के उपयोग, नशे में वाहन न चलाने, गति सीमा का पालन तथा लेन अनुशासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, महाविद्यालयों, परिवहन चालकों एवं आम नागरिकों की सहभागिता से कार्यशालाएं, निरीक्षण अभियान, रोड यूजर्स के लिए निःशुल्क नेत्र जांच शिविर तथा गुड समैरिटन प्रोत्साहन गतिविधियां आयोजित की गईं।
उपायुक्त ने रक्तदान करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शिमला विश्व मोहन देव चौहान ने बताया कि वर्ष 2025 में जिला शिमला में 268 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 102 लोगों की मृत्यु और 436 लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण तेज गति, गलत ओवरटेकिंग, नशे में वाहन चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग तथा लेन अनुशासन का उल्लंघन रहे, जिससे स्पष्ट है कि सड़क सुरक्षा प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ नागरिक अनुशासन पर भी निर्भर करती है।


