पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश की सभी पंचायतों के सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आवश्यकतानुसार पुराने पंचायत भवनों के स्थान पर एक ही डिजाइन और पैटर्न पर सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे पंचायत से संबंधित सभी आवश्यक सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
यह बात ग्रामीण विकास मंत्री ने ग्राम पंचायत दैहना में ₹1.14 करोड़ की लागत से निर्मित नव निर्मित पंचायत भवन का लोकार्पण करने के बाद आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने दैहना क्षेत्र के लोगों और प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि पंचायत घर ग्रामीण विकास की योजनाओं को रूप देने और उन्हें धरातल पर लागू करने का मुख्य केंद्र होते हैं। सरकार के निरंतर प्रयासों से आज प्रदेश की अधिकांश पंचायतें आधुनिक और सशक्त बनी हैं, जबकि महिलाएं संगठित होकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।
अनिरुद्ध सिंह ने जानकारी दी कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए दैहना पंचायत को चियोग से अलग कर नया स्वरूप दिया गया था, जिसकी वर्तमान वार्षिक आय लगभग ₹5 लाख तक पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि अकेले कसूमटी विधानसभा क्षेत्र में पंचायत भवनों के निर्माण के लिए ₹19 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है, जिसे चरणबद्ध तरीके से जारी किया जा रहा है। इसके साथ ही, दैहना पंचायत परिसर में पंचायत की आय बढ़ाने के उद्देश्य से अतिरिक्त सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए भी बजट का प्रावधान किया जाएगा।
क्षेत्र के बुनियादी ढांचे का ब्यौरा देते हुए उन्होंने बताया कि फागू से चियोग-टियाली-धरेच मार्ग के अपग्रेडेशन पर ₹15 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं, जिसके तहत अधिकारियों को निर्धारित समय के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। एफआरए की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 6 नई छोटी सड़कों का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा, जबकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 3 प्रमुख सड़कों को स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा, कठोड़ी खड्ड से उठाऊं पेयजल योजना का निर्माण अंतिम चरण में है, जो अगले दो महीनों में पूरा होकर क्षेत्र के जल संकट को हमेशा के लिए समाप्त कर देगा।



