February 2, 2026

शिक्षा के गुणात्मक विकास में स्कूल प्रबंधन समितियों की भूमिका अहम – वीरेन्द्र कंवर

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जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के द्वारा आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, थानाकलां मंे खंड स्तरीय सामुदायिक सहभागिता एवं जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, कृषि, मत्स्य व पशुपालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने की। शिविर में शिक्षा खंड बंगाणा के सभी स्कूलों से एसएमसी अध्यक्षों व सदस्यों, स्कूल प्रमुखों, पंचायत प्रतिनिधियों सहित अध्यापकों और अभिभावकों ने भाग लिया।कृषि मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने बताया कि जिला ऊना के 277 स्कूलों में प्री-प्राईमरी शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों में लगभग 4 हजार बच्चों ने दाखिला लिया है। बच्चों की सुविधा के लिए इन स्कूलों में खेल सामग्री, प्रसाधन सामग्री और फर्नीचर इत्यादि उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार, सक्षम और संस्कारों व सद्गुणों से युक्त नागरिकों का निर्माण करना ही शिक्षा का मुख्य लक्ष्य है।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सरकार के साथ-साथ समाज के हर व्यक्ति को सहभागी बनने पर बल दिया गया है। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में गठित की गई स्कूल प्रबंधन समितियों के पदाधिकारी स्कूलों के गुणात्मक विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूलों में शिक्षा के गुणात्मक विकास के लिए समाज के हर वर्ग के व्यक्तियों को अपनी सहभागिता दर्ज करने के लिए प्रेरित करना ही इस जागरुकता शिविर का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि इससे शिक्षक और अभिभावको में आपसी समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।वीरेन्द्र कंवर ने बताया कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षे़त्र में स्कूलों मे गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक विज्ञान भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त चैक डैम निर्मित किए जा रहे हैं ताकि किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए जल उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि गोंविन्द सागर झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है।

यहां साहसिक खेलों के आयोजन के साथ-साथ वाटर स्पोर्टस और पैरा ग्लाईडिंग की शुरुआत की गई है। ऊना सुपर-50 में क्षेत्र के 7 बच्चों का चयन हुआ है।जागरुकता शिविर में एसएमसी की भूमिका व कर्तव्य, बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा में माता-पिता व अभिभावकों की भूमिका, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 में समुदाय की भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई। इस मौके पर बेहतरीन कार्य करने के लिए जीपीएस ककराना, जीएमएस कोलका, जीएचएस कोट और जीएसएसएस चुरड़ी की विद्यालय प्रबंधन समितियों को मुख्यातिथि द्वारा सम्मानित भी किया गया। इसके अलावा सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सामग्री और एक-एक पौधा वितरित किया गया। इसके अलावा प्रशिक्षण व अन्य उपयोगी सामग्री पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई।इससे पूर्व मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने वीएमजेएस के अंतर्गत 10 लाख रुपये से निर्मित साईंस लैब का उद्घाटन भी किया।इस अवसर पर जिला परिषद उपाध्यक्ष कृष्णपाल शर्मा, मंडलाध्यक्ष मास्टर तरसेम लाल, कांगड़ा बैंक के निदेशक कैप्टन प्रीतम डढवाल, हिमपफैड के निदेशक चरणजीत सिंह, पलाहटा के प्रधान दीपांकर कंवर, मुच्छाली के प्रधान विजय शर्मा, बल्ह की प्रधान उषा ठाकुर, जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा देवेन्द्र सिंह चैहान, बीडीओ बंगाणा यशपाल सिंह परमार, सचिव विज्ञान भारती डाॅ रमण, जिला समन्वय सामुदायिक संचालन मनीश पटियाल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति समन्वयक विवेक दत्ता, प्री-प्राईमरी समन्वयक मीना शर्मा, खंड समन्वयक बंगाणा संदीप कुमार, प्रधानाचार्य योगराज, तहसीलदार व एक्सईएन आईपीएच सहित अन्य उपस्थित रहे।

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