शिमला में स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिलाओं और बच्चों के लिए दो महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों की शुरुआत की जा रही है। पहली बार सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ विशेष टीकाकरण अभियान 29 मार्च 2026 से शुरू होगा, जिसमें 14 से 15 वर्ष की आयु की पात्र बालिकाओं को निशुल्क टीका दिया जाएगा। 1 मार्च से आशा वर्कर्स घर-घर सर्वे करेंगे और पात्र बालिकाओं की पहचान करेंगे। टीकाकरण हर रविवार को आयोजित किया जाएगा और यह तीन महीने तक चलेगा।
सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा (बच्चेदानी का निचला हिस्सा) में होने वाला कैंसर है, जो मुख्य रूप से एचपीवी (HPV) संक्रमण से होता है। यह विश्व स्तर पर महिलाओं में चौथा और भारत में दूसरा सबसे आम कैंसर है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर टीकाकरण और स्क्रीनिंग से लगभग 83 प्रतिशत मामलों को रोका जा सकता है। अभियान के तहत जिले में 39 सरकारी टीकाकरण स्थल चिन्हित किए गए हैं, जिसमें शिमला शहर में 5 स्थल शामिल हैं। टीका गार्डासिल 0.5 एमएल की खुराक बायां बाजू के ऊपरी हिस्से में दी जाएगी और अभिभावकों की सहमति ऑनलाइन ओटीपी के माध्यम से ली जाएगी। हल्का बुखार या इंजेक्शन स्थल पर मामूली दर्द सामान्य है।
साथ ही, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दूसरे राउंड के तहत 23 फरवरी 2026 को शिमला जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल और विटामिन-ए दी जाएगी। 1-5 वर्ष के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विटामिन-ए और एल्बेंडाजोल की गोलियां दी जाएँगी, जबकि 5 से 19 वर्ष के बच्चों को स्कूलों में एल्बेंडाजोल प्रदान किया जाएगा। जिले में 2150 सरकारी और 450 निजी स्कूलों, 2154 आंगनवाड़ी केंद्रों और 997 आशा वर्कर्स के माध्यम से इस कार्यक्रम को सफल बनाया जाएगा, जिसमें कुल 2,21,319 बच्चे शामिल हैं।
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों कार्यक्रमों में पुख्ता इंतजाम किए जाएँ, ताकि किसी भी पात्र बालिका या बच्चे को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और परिवारों के साथ समन्वय बढ़ाने और जागरूकता सामग्री वितरित करने पर भी जोर दिया।



