हिमाचल प्रदेश सरकार ने दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में हवाई संपर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा रामपुर प्रवास के दौरान स्थानीय निवासियों से किए गए वादे को निभाते हुए, राज्य सरकार 21 अक्तूबर 2026 से संजौली और रामपुर के बीच नियमित हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने जा रही है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह उड़ान सेवा केवल रामपुर तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे आगे जनजातीय जिले किन्नौर के मुख्यालय रिकांगपिओ तक भी विस्तारित किया जाएगा।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, यह हेलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में तीन दिन—सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगी। निर्धारित शेड्यूल के तहत पहली उड़ान संजौली हेलीपोर्ट से प्रातः 9:55 बजे रवाना होकर 10:30 बजे रामपुर पहुंचेगी। इसके बाद रामपुर से यह उड़ान प्रातः 10:50 बजे रिकांगपिओ के लिए प्रस्थान करेगी और 11:25 बजे पहुंचेगी। वापसी में हेलीकॉप्टर रिकांगपिओ से 11:30 बजे उड़ान भरकर दोपहर 12:05 बजे रामपुर पहुंचेगा। इसके बाद रामपुर से दोपहर 12:10 बजे संजौली के लिए अंतिम वापसी उड़ान होगी, जो दोपहर 12:45 बजे संजौली में उतरेगी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तत्परता दिखाते हुए पवन हंस लिमिटेड ने केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के तहत इस मार्ग पर परिचालन की योजना बनाई है। रामपुर और आसपास के कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह सेवा यात्रा के समय और कठिनाइयों को कम करने में मील का पत्थर साबित होगी। इसके शुरू होने से आपातकालीन परिस्थितियों, मरीजों की आवाजाही और आम यात्रियों के लिए शिमला पहुंचना बेहद आसान और त्वरित हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि ‘उड़ान 5.0’ योजना के तहत शिमला, रामपुर, रिकांगपिओ, कुल्लू, मनाली, मंडी और चंडीगढ़ को जोड़ने वाले विभिन्न हवाई मार्ग हेरिटेज एविएशन और पवन हंस लिमिटेड को आवंटित किए गए हैं। इस समय हेरिटेज एविएशन द्वारा शिमला-रिकांगपिओ और शिमला-कुल्लू मार्गों पर उड़ानें संचालित की जा रही हैं, जबकि पवन हंस संजौली और चंडीगढ़ के बीच सेवाएं दे रही है। इसके अलावा, शिमला और चंडीगढ़ के बीच सप्ताह के सातों दिन हवाई संपर्क बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग’ के तहत प्रतिवर्ष लगभग 35.70 लाख रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है।
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