सिपुर में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय मेले का शुभारंभ इस बार एक अनोखे और प्रेरणादायक क्षण के साथ हुआ, जब 90 वर्षीय वयोवृद्ध महिला मुरतू देवी ने मुख्य अतिथि के रूप में मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण को परिभाषित करते हुए कहा कि इसका अर्थ सभी महिलाओं को समान अवसर, स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकार और समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने जीवन के फैसले स्वयं लेने और सामाजिक-आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अधिकार मिलना चाहिए।
उन्होंने सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं और परिवार व समाज की प्रगति में अहम भूमिका निभा रही हैं। मेला समिति के संयोजक ने बताया कि यह मेला पिछले 37 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है और इस वर्ष पहली बार यह निर्णय लिया गया कि उद्घाटन अवसर पर क्षेत्र की सबसे बुजुर्ग महिला को मुख्य अतिथि बनाया जाएगा, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रतीकात्मक पहल है।
मेले में इस बार खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों की धूम रही। वॉलीबॉल, पुरुष कबड्डी और महिला कबड्डी प्रतियोगिताओं में कुल 36 टीमें भाग ले रही हैं। वहीं स्थानीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को आकर्षक बनाया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए शिविर में लोगों की स्वास्थ्य जांच, विभिन्न टेस्ट और नि:शुल्क दवाइयों का वितरण किया जा रहा है। कृषि एवं बागवानी विभाग के स्टॉलों पर किसानों और बागवानों को तकनीकी जानकारी दी जा रही है।
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