शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जुब्बल क्षेत्र की दूरदराज ग्राम पंचायत सोलंग का दौरा कर करीब 34 लाख रुपये की लागत से निर्मित दो विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने 25 लाख रुपये से बने राजकीय प्राथमिक पाठशाला सोलंग के नए भवन और 9 लाख रुपये से निर्मित सामुदायिक भवन को जनता को समर्पित किया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य दुर्गम क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। नए विद्यालय भवन से बच्चों को आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
उन्होंने बताया कि शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए राज्य बजट का करीब 18 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है। प्रदेश के 151 विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में रिक्त करीब 15 हजार पदों में से 9 हजार पद भरे जा चुके हैं, जबकि अन्य पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि सामुदायिक भवन ग्रामीणों के सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने बताया कि सोलंग पंचायत में सड़क, शिक्षा, खेल और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास पर लगातार कार्य किया जा रहा है। क्षेत्र में सड़क निर्माण, विद्यालय भवनों की मरम्मत और अन्य विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पंद्रानू में 1.74 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और कुड्डू में 86.61 लाख रुपये की लागत से आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य जारी है। वहीं, सोलंग पंचायत के लिए प्रस्तावित 5.40 लाख रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना को स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
दौरे के दौरान शिक्षा मंत्री ने अंटी पंचायत के ग्रामीणों से भी मुलाकात की और सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सेब सीजन को देखते हुए संपर्क मार्गों को समय पर दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अंटी-सभाड़ सड़क के उन्नयन कार्य पर करीब 12.78 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और जीरो प्वाइंट निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये अतिरिक्त स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सोलंग, सास्कीर और किरण क्षेत्र का संतुलित विकास सरकार की प्राथमिकता है और भविष्य में भी विकास कार्यों को गति दी जाएगी।



