February 26, 2025

Tag: भूख

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भूख : जीवन की अद्वितीयता और चुनौतियाँ पर डॉo कमल केo प्यासा

प्रेषक : डॉ. कमल के . प्यासाभूख, कैसी भी हो मिटती नहीं ,मुकती नहीं,बढ़ती है मरती नहीं,तड़पाती है और डालती है खलल, अक्सर...

आदमी : आदमी का रूपांतरण

पत्थरों के इस शहर में,मिट्टी गारा धूल फांकते फांकतेभूख इतनी बड़ी,हरियाली गुल हो गई,जंगल के जंगल निगल गया आदमीपत्थरों के कारोबार में,पत्थरों को तोड़ते...

पेट : डॉo कमल केo प्यासा

प्रेषक : डॉ. कमल के . प्यासापेट की जात नहींपात नहीं,रंग भेद की बात नहींबाहर भीतर दांत नहींइतना सा पेट,इतना खाता इतना खातासारा...

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