ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह कसुंपटी विधानसभा क्षेत्र के मशोबरा स्थित तलाई में आयोजित पारंपरिक सायर मेले में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने माता भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि हिमाचल की बहुसांस्कृतिक विरासत, लोक संगीत और कलाएं हमारी वास्तविक पहचान हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पौराणिक मेलों और परंपराओं को जीवंत बनाए रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है, ताकि भावी पीढ़ी अपनी समृद्ध संस्कृति और जड़ों से जुड़ी रह सके।
पंचायती राज और महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि राज्य सरकार लगातार ग्रामीण क्षेत्रों के आधुनिकीकरण और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है। वर्तमान में सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पंचायतों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है और महिला स्वयं सहायता समूहों को संगठित कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने तलाई की नैसर्गिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि इस क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर उभारने के लिए मामला राज्य सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा।
कसुंपटी क्षेत्र के विकास कार्यों का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत क्षेत्र में चार नई सड़कें स्वीकृत की गई हैं, जिनमें मशोबरा पंचायत की सड़क भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, वन अधिकार अधिनियम (FRA) के तहत 150 से अधिक मामलों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिसके तहत पंचायत भवनों, सामुदायिक केंद्रों, स्कूलों, पुलों और ग्रामीण संपर्क मार्गों का निर्माण किया जा रहा है। इस दौरान स्थानीय पंचायत द्वारा रखी गई विकास मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन देते हुए उन्होंने कबड्डी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए मेला समिति को बधाई दी।
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