मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 59 के तहत वाहनों की आयु सीमा निर्धारित करने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है, और राज्य सरकारें इसमें अपने स्तर पर कोई बदलाव नहीं कर सकतीं। इसी नियम के आलोक में हिमाचल प्रदेश सरकार ने कांट्रैक्ट कैरिज वाहनों की आयु सीमा 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने का मामला भारत सरकार के समक्ष उठाया है और आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।
केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल, 2026 से ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (AITP) के तहत आने वाले वाहनों की आयु सीमा 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी है। प्रदेश सरकार का तर्क है कि कांट्रैक्ट कैरिज वाहनों के लिए भी यही 15 वर्ष की समय सीमा लागू होनी चाहिए। जब तक इस पर केंद्र का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक इच्छुक ऑपरेटर NIC द्वारा संचालित एआईटीपी पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। 1 अप्रैल, 2026 से अब तक 1,009 ऑपरेटर इस व्यवस्था का लाभ उठा चुके हैं।
प्रदेश सरकार कांट्रैक्ट कैरिज ऑपरेटरों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र के समक्ष लगातार प्रभावी ढंग से पक्ष रख रही है। इसके साथ ही, केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 62 के तहत राज्य में वाहनों की फिटनेस जांच के लिए स्वचालित परीक्षण केंद्र (ATC) स्थापित किए जा रहे हैं। सरकारी क्षेत्र में बद्दी, हरोली और नादौन में केंद्र बनाए जा रहे हैं, जबकि निजी क्षेत्र में रानीताल (कांगड़ा) और कांगू (मंडी) में केंद्र कार्यशील हो चुके हैं। बिलासपुर, नालागढ़ और पांवटा साहिब में निर्माण कार्य प्रगति पर है।
निजी क्षेत्र के तहत 5 नए स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है, जिनमें जसूर/डमटाल, पालमपुर, काला अंब, भुंतर और बनीखेत शामिल हैं। इसके अलावा, कांगड़ा जिले में वाहनों की फिटनेस पुरानी पद्धति से कराने का मामला भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है, जिस पर केंद्र सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।
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