बजट अनुमानों पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के जवाब से असंतुष्ट होकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक वॉकआउट कर गए। विधायकों ने सदन में झूठे आरोपों, भ्रमपूर्ण बयानबाजी और सदन के समय को व्यर्थ करने के खिलाफ नारेबाजी की।
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास तीन साल के कार्यकाल में बताने योग्य कोई उपलब्धि नहीं है, इसलिए वे तथ्यहीन आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मेडिकल कॉलेज में कोई घोटाला हुआ है तो जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश की बिगड़ती वित्तीय स्थिति पूरी तरह से वर्तमान सरकार की नीतियों का परिणाम है। उन्होंने केंद्र के साथ संवाद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी हालिया मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की गंभीर आर्थिक परिस्थितियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं की शिमला में महंगी और लंबी मेहमाननवाजी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसी केंद्रीय नेताओं की वरीयता में प्रदेश के सरकारी संसाधनों का उपयोग हो रहा है, जबकि आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।
साथ ही उन्होंने प्रदेश में लागू किए गए ड्रेस कोड पर भी आलोचना की और कहा कि सरकार को पहले अपने नेताओं और अधिकारियों में आचरण और पहनावे की उचित समझ विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली और भाजपा के दृष्टिकोण के बीच स्पष्ट अंतर भी उजागर किया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार की तरह जनता के हित को प्राथमिकता देने की बजाय, कांग्रेस सरकार केवल आलीशान मेहमाननवाजी और राजनीतिक शिकार में लगी है, जिससे प्रदेश का खजाना खाली होता जा रहा है।



