संत निरंकारी मिशन द्वारा योग दिवस का उत्साहपूर्वक आयोजन

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शिमला: संत निरंकारी मिशन द्वारा ‘अंतराष्ट्रीय योग दिवस’ के अवसर पर शुक्रवार, 21 जून को संपूर्ण भारतवर्ष में स्थापित संत निरंकारी मिशन की विभिन्न शाखाओं में प्रातः 6.00 बजे से स्थानीय योग प्रशिक्षकों के निर्देशन द्वारा खुले स्थानों एवं पार्को में योग दिवस का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया।

इसी क्रम में शिमला के जोनल इंचार्ज कैप्टन एनपीएस भुल्लर ने बताया कि शिमला के संत निरंकारी सत्संग भवन में भी योग दिवस का आयोजन किया गया जिसमें मलौट (पंजाब) से आए संयोजक एवं योग प्रशिक्षक करतार सिंह ने योग की विधियां बताई तथा योग दिवस में शामिल लगभग 25 से 30 महात्माओं को योगाभ्यास भी करवाया।

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इस वर्ष ‘अंतराष्ट्रीय योग दिवस’ का विषय ‘महिला सशक्तिकरण के लिए योग’ दिया गया है जो निसंदेह आज के समय की मांग है। संत निरंकारी मिशन भी समय-समय पर महिला सशक्तिकरण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाओं को क्रियान्वित कर उन्हें सक्षम बनाने में प्रयासरत है जिसमें मुख्यतः सिलाई एवं कढ़ाई सेंटर, ब्यूटीशियन कोर्स, टयूशन सेंटर इत्यादि प्रमुख है।

संत निरंकारी मण्डल के समाज कल्याण प्रभारी जोगिन्दर सुखीजा ने जानकारी दी कि वर्ष 2015 से ही संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा, संत निरंकारी चैरिटेबल फाउन्डेशन द्वारा ‘योग दिवस’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है। इसी श्रृंखला के अंतर्गत इस वर्ष भी ‘अंतराष्ट्रीय योग दिवस’ कार्यक्रम का विशाल रूप में आयोजन संपूर्ण भारतवर्ष के लगभग हर प्रांत के शहरों में उत्साहपूर्वक किया गया।

योग भारत की एक ऐसी प्राचीन पद्धति है जिसके द्वारा आध्यात्मिक, शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य को संतुलित किया जाता है। योग के नियमित अभ्यास से तनाव मुक्त जीवन जीया जा सकता है।

महिलाओं के सशक्तिकरण में योग का विशेष महत्व है। वर्तमान समय में जहां महिलाएं गृहस्थ जीवन और कार्यक्षेत्र में अपना अहम योगदान दे रही हैं; ऐसे में योग, उनकी व्यस्तता से भरी हुई जिंदगी की एक ऐसी आवश्यक गतिविधि है जो उनको अपनी सभी जिम्मेदारियों को पूर्णता से निभाने में सहायता करती है।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने भी अपने विचारों में ‘स्वस्थ मन सहज जीवन’ अपनाने का दिव्य मार्गदर्शन देते हुए यही समझाया है कि हमें अपने शरीर को निरंकार प्रभु की अमोलक देन समझते हुए उसे स्वस्थ एवं सेहतमंद बनाए रखना है।

अतः ऐसे स्वास्थ्यवर्धक कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल यही है कि इस भागदौड़ भरी जिदंगी में अपनी सेहत पर और ध्यान देते हुए उसे बेहतर एवं उत्तम बनाते हुए एक स्वस्थ जीवन जीना है।

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

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