सुजानपुर में आयोजित भव्य ‘सेना दिवस’ समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिरकत कर सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। अपने भावपूर्ण संबोधन में ठाकुर ने कहा कि इस तरह के आयोजन केवल औपचारिक भाषणों तक सीमित नहीं होते, बल्कि हृदय से उमड़ी श्रद्धा और सैनिकों के प्रति सम्मान ही इसकी असली शोभा है।
ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के गौरवशाली सैन्य इतिहास को याद करते हुए कहा कि छोटा होने के बावजूद राज्य ने सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि देश को प्रथम परमवीर चक्र मेजर सोमनाथ शर्मा के रूप में हिमाचल ने ही दिया और कारगिल युद्ध से लेकर वर्तमान तक प्रत्येक गाँव देशभक्ति की मिसाल पेश करता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पिछले 25 वर्षों से इस आयोजन को सफल बनाने वाले पूर्व विधायक राजेन्द्र राणा और उनके पुत्र अभिषेक राणा की सराहना की, जबकि उन लोगों पर भी तीखा प्रहार किया जिन्होंने सेना के सम्मान में बाधा डालने का प्रयास किया। उन्होंने राजस्थान के मेवाड़ से आए महाराणा प्रताप के वंशज लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल का भी धन्यवाद किया।
ठाकुर ने शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि देवभूमि के युवाओं की रग-रग में बसा देशभक्ति का जज्बा ही राष्ट्र का असली सुरक्षा कवच है और वे हमेशा सैनिकों के कल्याण के लिए तत्पर रहेंगे।
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