लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज घणाहट्टी में एक दिवसीय प्रवास के दौरान 24 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
उन्होंने 4.67 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय उच्च मार्ग-205 पर घणाहट्टी से दाड़लाघाट के बीच विभिन्न स्थानों पर रिटेनिंग वॉल निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। साथ ही 37.66 लाख रुपये की लागत से घणाहट्टी बाजार में पेवर बिछाने और ड्रेनेज निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। करीब 12.86 करोड़ रुपये की लागत से चक्कर से दाड़लाघाट के मध्य 13 किलोमीटर सड़क की मेटलिंग और टारिंग का कार्य भी शुरू किया गया। इसके अतिरिक्त 2.12 करोड़ रुपये के अन्य विकास कार्य भी इस पैकेज में शामिल हैं।
मंत्री ने Tata Power और Usha International के सहयोग से हेल्पिंग हैंड वेलफेयर एंड एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा 300 महिला उद्यमियों को सिलाई किट वितरित की। सिलाई एवं कढ़ाई प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही हैं और अपनी पहचान स्वयं गढ़ रही हैं। उन्होंने संस्था को निर्देश दिए कि अधिक महिलाओं को जोड़ने के लिए नया प्रोजेक्ट तैयार किया जाए, जिसमें सरकार हरसंभव सहयोग देगी।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में दो बार आई आपदा से भारी नुकसान हुआ, इसके बावजूद शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 375 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए गए हैं। घणाहट्टी पंचायत में पिछले तीन वर्षों में 18 लाख रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए गए। उन्होंने क्षेत्र में संचालित बड़े शिक्षण संस्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे शिमला ग्रामीण की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है।
मंत्री ने बढ़ती नशे की समस्या पर चिंता जताते हुए महिलाओं से नशा रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नशे से संबंधित किसी भी जानकारी को पुलिस और जिला प्रशासन तक पहुंचाया जाए, ताकि युवाओं को इस खतरे से बचाया जा सके।
इस अवसर पर मंत्री ने विधायक निधि से घणाहट्टी पंचायत को 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा लोगों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान का आश्वासन दिया।



