उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जिले में टीबी से ग्रसित सभी मरीजों को निक्षय मित्र सहयोग योजना के तहत पोषण किट वितरित की गई है। इन किटों में उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री शामिल है, जिससे मरीजों को जल्द स्वस्थ होने में मदद मिलती है।
उपायुक्त आज यहां जिला क्षय रोग उन्मूलन समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसमें टीबी मुक्त भारत अभियान, हाथ में पकड़ी जाने वाली एक्स-रे मशीन और निक्षय मित्र सहयोग योजना जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में टीबी निवारक उपचार के 1358 मामलों में उपचार शुरू करने का लक्ष्य था, जिनमें से 968 मामलों में उपचार शुरू किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक है। वहीं राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 2230 मामलों के लक्ष्य के मुकाबले 1972 मामलों में उपलब्धि हासिल की गई।
टीबी मुक्त भारत 2.0 अभियान के तहत 14 मार्च 2026 तक 1,61,777 लोगों का एक्स-रे परीक्षण करने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से अब तक 63,910 लोगों की जांच की जा चुकी है। इसके लिए रामपुर और मतियाना में हाथ में पकड़ी जाने वाली पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं।
बैठक में बताया गया कि जिले की 141 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया है, जिनमें 23 को स्वर्ण, 34 को रजत और 84 को कांस्य श्रेणी में रखा गया है। विश्व क्षय रोग दिवस (24 मार्च) के अवसर पर गेयटी थिएटर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर स्वर्ण श्रेणी की पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि जिले को पूर्ण रूप से टीबी मुक्त बनाने के लिए सभी विभागों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक योजना तैयार की जाएगी। बैठक में जिला टीबी अधिकारी डॉ. विनीत लखनपाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अभियान की प्रगति की जानकारी दी।



