हिमाचल प्रदेश में सरकारी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूलों में दाखिले बढ़ने के बीच विद्यार्थियों को स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र (एसएलसी) जारी करने में देरी करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के उपनिदेशकों (माध्यमिक, प्रारंभिक और गुणवत्ता) को निर्देश दिए हैं कि निजी शिक्षण संस्थानों को नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाए।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि जो निजी स्कूल विद्यार्थियों को समय पर एसएलसी जारी नहीं कर रहे हैं, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि संस्थान निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें संस्थान का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) रद्द करने तक की कार्रवाई शामिल है।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान (विनियमन) अधिनियम, 1997 की धारा 14 और 15 के अनुसार निजी शिक्षण संस्थानों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा मांगी गई सभी सूचनाएं और विवरण समय पर उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
शिक्षा विभाग को कई जिलों से शिकायतें मिली हैं कि कुछ निजी स्कूल आवेदन के बावजूद बच्चों का एसएलसी जारी करने में अनावश्यक देरी कर रहे हैं। निदेशालय ने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए कहा कि यह प्रथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की भावना के विपरीत है, क्योंकि प्रत्येक बच्चे को अपनी पसंद के शिक्षण संस्थान में पढ़ने का अधिकार है।
स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि यदि निजी स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



