हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को उनके नेतृत्व और जनसेवा के प्रेरणादायक रिकॉर्ड के लिए बधाई दी और हिमाचल प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को “वित्तीय आपातकाल” करार दिया और कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लिए जा रहे कुछ निर्णय राज्य को और अधिक आर्थिक संकट में डाल सकते हैं।
उन्होंने बताया कि संसाधनों की कमी के कारण मुख्यमंत्री ने अपना 50 प्रतिशत वेतन अगले छह महीनों के लिए स्थगित किया है। इसके अलावा मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक का वेतन 50 प्रतिशत, आईएएस अधिकारियों और मंत्रियों का 30 प्रतिशत और विधायकों का 20 प्रतिशत स्थगित किया गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह संकेत है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अनाथ बच्चों और विधवाओं के नाम पर पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाकर सरकार चलाना दुर्भाग्यपूर्ण है और प्रशासनिक विफलता का परिचायक है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश में वाहनों के प्रवेश कर (एंट्री टैक्स) में हुई भारी बढ़ोतरी का भी हवाला देते हुए कहा कि यह अव्यावहारिक निर्णय राज्य की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचा सकता है। उन्होंने कांग्रेस सरकार को चेतावनी दी कि ऐसे जनविरोधी फैसले राज्य और जनता के हित में नहीं हैं।
जयराम ठाकुर ने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष आर्थिक संकट से निपटने के लिए रचनात्मक चर्चा और सही कदमों का समर्थन करेगा, बशर्ते सरकार वास्तविक सुधारों पर ध्यान दे।



