पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर स्थानीय निकाय चुनावों में टिकट आवेदन के नाम पर प्रति उम्मीदवार ₹5000 वसूलने को लेकर तीखा हमला बोला है। शिमला से जारी बयान में उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का “मूल्य निर्धारण” है, जो पहले कभी नहीं देखा गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी टिकट के लिए आवेदन करने वाले सभी नेताओं से शुल्क वसूल रही है, चाहे उन्हें टिकट मिले या नहीं, और यह राशि वापस भी नहीं की जाएगी। ठाकुर ने सवाल उठाया कि यह पैसा प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए लिया जा रहा है या पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ना हर कार्यकर्ता का अधिकार है, और उस अधिकार के लिए शुल्क लेना अनुचित है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पहले लोकसभा चुनावों में भी कांग्रेस ने टिकट के लिए ₹10,000 शुल्क लगाया था, लेकिन अब यह परंपरा स्थानीय निकाय स्तर तक पहुंच गई है। उन्होंने दावा किया कि जनता आगामी स्थानीय निकाय और नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस को इसका जवाब देगी।
उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और शासन व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लोग “व्यवस्था परिवर्तन” के नाम पर बनी सरकार से परेशान हैं और बढ़ती अराजकता तथा कमजोर प्रशासन से जूझ रहे हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर निशाना साधते हुए ठाकुर ने कहा कि राज्य के अस्पतालों की स्थिति बेहद खराब है। कहीं डॉक्टरों की कमी है, कहीं दवाइयां नहीं हैं, तो कहीं पैथोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट का अभाव है। उन्होंने कहा कि सरकार रोबोटिक सर्जरी जैसे बड़े दावे कर रही है, जबकि कई अस्पतालों में ऑपरेशन थिएटर तक की हालत जर्जर है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से स्वास्थ्य योजनाओं के तहत मिलने वाले धन का भी सही उपयोग नहीं हो रहा है। ठाकुर ने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे बड़े दावों के बजाय बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने पर ध्यान दें।



