शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026: ‘MAA’ थीम पर महानाटी से जागरूक होगा समाज

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अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 इस बार मनोरंजन के साथ-साथ समाज को एक बड़ा और संवेदनशील संदेश देने जा रहा है। ग्रीष्मोत्सव के तहत समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘MAA (Mothers Against Abuse and Addiction)’ विषय पर एक विशेष थीम आधारित महानाटी का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन आगामी 09 जून 2026 को माल रोड पर पुलिस सहायता कक्ष के समीप दोपहर 3:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक होगा, जिसमें शिमला के विभिन्न आईसीडीएस खण्डों से लगभग 250 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर इस महानाटी के जरिए जन-जागरूकता की अलख जगाएंगी।

उपायुक्त शिमला एवं अध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव समिति अनुपम कश्यप ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस अभियान का मूल संदेश “मां की ममता, समाज की शक्ति” रखा गया है। इसके माध्यम से माताओं को नशा मुक्त समाज के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और जिम्मेदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान नशे के खिलाफ जन-जागरूकता, पारिवारिक मूल्यों की मजबूती तथा बच्चों के सुरक्षित भविष्य के प्रति सामूहिक संकल्प को खूबसूरती से प्रदर्शित किया जाएगा। इस महानाटी के जरिए यह संदेश प्रसारित किया जाएगा कि प्रत्येक मां का संकल्प हिंसा और नशे के विरुद्ध आवाज उठाने तथा महिलाओं व बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने का है। साथ ही, समाज को यह वचन भी दिया जाएगा कि हर मां अपने परिवार को नशे से दूर रखकर एक स्वस्थ, खुशहाल और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देगी।

जिला प्रशासन शिमला तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस विशेष अभियान के माध्यम से “सशक्त मां, सुरक्षित बचपन, नशामुक्त समाज और उज्ज्वल भविष्य” की परिकल्पना को साकार किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। जागरूकता को धरातल पर मजबूत करने के लिए कार्यक्रम के दौरान आमजन को संकटकालीन परिस्थितियों में मददगार बनने वाली ‘चाइल्ड हेल्पलाइन 1098’ तथा ‘महिला हेल्पलाइन 181’ की सेवाओं और उनके उपयोग के संबंध में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की जाएगी। जिला प्रशासन ने शिमला के सभी स्थानीय नागरिकों और यहां आए पर्यटकों से इस जन-जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा बनकर नशामुक्त एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में अपना सहयोग देने का विशेष आह्वान किया है।

देवभूमि से पर्यावरण का संदेश: संजय भुटानी ने रोपी ‘त्रिवेणी’

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