प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा अभियान के दूसरे चरण (भाग-1) के तहत 30 जून 2026 को सभी जिलों में विशेष टास्क फोर्स, जिला पुलिस और औषधि नियंत्रण प्रशासन ने संयुक्त रूप से सघन जांच अभियान चलाया।
इस दौरान केमिस्ट शॉप्स, मेडिकल स्टोर्स, औषधि थोक विक्रेताओं और मेडिकल प्रैक्टिशनर्स का व्यापक निरीक्षण किया गया।
पुलिस विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि निरीक्षण के दौरान एनडीपीएस अधिनियम, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट तथा अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत लाइसेंस, खरीद-बिक्री रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, चिकित्सकीय पर्चे, बिलिंग व्यवस्था, डिजिटल लेन-देन तथा दवाओं के भंडारण एवं वितरण प्रक्रिया की गहन जांच की गई।
अभियान के दौरान प्रदेशभर में 482 केमिस्ट एवं मेडिकल दुकानों, 22 थोक औषधि विक्रेताओं तथा 7 मेडिकल प्रैक्टिशनर्स का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत 13 नोटिस जारी किए गए, जबकि बिना वैध लाइसेंस के संचालित दो क्लिनिकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
प्रवक्ता ने बताया कि जिन मामलों में अनियमितताएं पाई गईं, उनके विरुद्ध संबंधित कानूनों के तहत आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई है। अन्य संस्थानों को अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए चेतावनी और दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि भविष्य में अवैध बिक्री और दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सके।
अभियान का मुख्य उद्देश्य नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री और दुरुपयोग पर रोक, नशे की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना तथा युवाओं और आम नागरिकों को नशे की लत से सुरक्षित रखना बताया गया है।



