मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को मजबूत करते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), शिमला ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम को जिले में तैनात किया है।
करीब 30 सदस्यीय एनडीआरएफ दल को 1 जुलाई से 30 सितंबर, 2026 तक तीन माह के लिए एपीएमसी परिसर, ढली, शिमला में तैनात किया गया है। टीम मंगलवार को शिमला पहुंची।
दल के आगमन के बाद अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) शिमला ज्योति राणा की अध्यक्षता में एनडीआरएफ अधिकारियों के साथ एक समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मानसून के दौरान भूस्खलन, बाढ़, सड़क अवरोध, भवन क्षति और अन्य आपदा स्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, संसाधन प्रबंधन, संचार व्यवस्था और आपात प्रतिक्रिया तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विचार-विमर्श किया गया।
एडीएम ने कहा कि जिला प्रशासन मानसून के दौरान किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है। उन्होंने एनडीआरएफ टीम को पुलिस, अग्निशमन, आपात सेवाओं और अन्य विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।



