मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि कोविड-19 महामारी के दौरान विदेशी मेडिकल कॉलेजों से ऑनलाइन माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले पात्र छात्रों को एक वर्ष की इंटर्नशिप की अनुमति दी जाए।
शुक्रवार को छात्रों और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए व्यावहारिक, न्यायसंगत और छात्र हितैषी दृष्टिकोण अपना रही है। उन्होंने कहा कि महामारी जैसी असाधारण परिस्थितियों के कारण किसी भी योग्य छात्र का भविष्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स की इंटर्नशिप अवधि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। समान परिस्थितियों में पढ़ाई करने वाले एक ही बैच के कुछ छात्रों को एक वर्ष की इंटर्नशिप की अनुमति मिली, जबकि अन्य को दो वर्ष की इंटर्नशिप करने के निर्देश दिए गए। इस असमानता को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करने वाले विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स के ‘कम्पेन्सेटरी ट्रेनिंग पीरियड’ का आकलन करने का अधिकार राज्य सरकारों को दिया है। इसी प्रावधान और छात्रों की वास्तविक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए पात्र अभ्यर्थियों के लिए इंटर्नशिप अवधि एक वर्ष निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर आवश्यक आदेश जारी करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित छात्र बिना किसी अतिरिक्त देरी के अपनी इंटर्नशिप शुरू या पूरी कर सकें। उन्होंने कहा कि इस फैसले से विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को बड़ी राहत मिलेगी और वे अनावश्यक बाधाओं के बिना अपने चिकित्सा करियर को आगे बढ़ा सकेंगे। साथ ही राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बरकरार रहेगी।



