करगिल विजय दिवस के अवसर पर उपायुक्त कार्यालय शिमला स्थित बचत भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करगिल युद्ध में भाग लेने वाले वीर सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों को उनके साहस, पराक्रम और राष्ट्र सेवा के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने सभी उपस्थित लोगों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने की शपथ दिलाई।
अपने संबोधन में उपायुक्त ने कहा कि करगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का योगदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि 27 वर्ष बीत जाने के बाद भी करगिल के शहीदों का बलिदान देश कभी नहीं भुला सकता।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं है। देश की सुरक्षा और प्रगति में सेना के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की भी समान भूमिका है। पर्यावरण संरक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेलों को बढ़ावा देने और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी राष्ट्र सेवा का ही हिस्सा है। उन्होंने नशे, विशेषकर चिट्टे, को समाज के सामने गंभीर चुनौती बताते हुए इसके उन्मूलन के लिए सभी वर्गों से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में करगिल विजय दिवस समारोह को और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह ने कहा कि करगिल विजय दिवस भारतीय सेना के त्याग, अनुशासन और अदम्य साहस का प्रतीक है। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और सेवारत तथा पूर्व सैनिकों के योगदान की सराहना की। उपनिदेशक, सैनिक कल्याण विभाग अतुल चंबियाल ने स्वागत भाषण दिया, जबकि एसडीएम एवं सहायक आयुक्त मंजीत शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर सूबेदार मेजर शाम लाल शर्मा, सूबेदार मेजर दिवाकर दत्त शर्मा, सूबेदार वेद प्रकाश शर्मा, हवलदार लक्ष्मी दत्त शर्मा, हवलदार राम लाल शर्मा, हवलदार प्रवीण शर्मा तथा नाइक जय सिंह को शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान करगिल विजय दिवस पर आधारित प्रेरणादायक वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। पोर्टमोर स्कूल की छात्राओं जन्नत और एकता तथा संस्कृत कॉलेज फागली की छात्रा सुहानी ने देशभक्ति से ओतप्रोत कविताएं प्रस्तुत कीं। उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए उपायुक्त ने तीनों छात्राओं को एक-एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और टोपी देकर सम्मानित किया।
समारोह का विशेष आकर्षण करगिल युद्ध में शामिल रहे वीर सैनिकों के अनुभव रहे। उन्होंने युद्ध के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भारतीय सेना के साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से जुड़े संस्मरण साझा किए, जिन्होंने उपस्थित युवाओं और नागरिकों में राष्ट्र सेवा एवं देशभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।



