हिमाचल का नया दांव: ई-मार्ट से बदला ग्रामीण महिलाओं का भाग्य

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हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए ‘श्यामार्क’ (Shyamark) ब्रांड और ‘हिमाचल ई-मार्ट’ (Himachal E-Mart) पोर्टल की शुरुआत की गई है। शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस नए ब्रांड का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे उद्यमियों, किसानों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को अपने स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए एक बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करना और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।

इस ई-मार्ट के माध्यम से हिमाचल के शुद्ध और पारंपरिक उत्पाद—जैसे कि शुद्ध देशी घी, दालें, हल्दी, मसाले, सूखे मेवे, हस्तशिल्प, गोबर के उपले और गौमूत्र—अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। इन उत्पादों की देशभर में सुरक्षित और त्वरित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए ‘ब्लू डार्ट’ (Blue Dart) को लॉजिस्टिक्स पार्टनर बनाया गया है। सबसे खास बात यह है कि जिन छोटे ग्रामीण कारीगरों के पास FSSAI या GST जैसी औपचारिकताएं पूरी करने की सुविधा नहीं है, वे भी इस प्लेटफॉर्म की मदद से अपने सामान सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकेंगे।

यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित हो रही है। ग्रामीण महिलाओं को घर बैठे कच्चा माल और रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं, जिससे बिचौलियों का हस्तक्षेप समाप्त होगा और उत्पादकों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिलेगा। कैंसर, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते दौर में जैविक (ऑर्गेनिक) और प्राकृतिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वयं सहायता समूहों को उच्च गुणवत्ता, बेहतर पैकेजिंग और जैविक खेती पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के 11 जिलों की लगभग 2,500 महिलाएं इस अभियान से जुड़ चुकी हैं। ई-मार्ट के संस्थापक अरुण वर्मा के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म का दायरा केवल हिमाचल तक सीमित न रखकर पूरे उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों तक विस्तारित किया जा चुका है। राज्य सरकार ने भी इस योजना को सफल बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

Role of Higher Education in Shaping Leadership for Viksit Bharat

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