हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों (Vocational Trainers) के मानदेय में वृद्धि और विभिन्न सेवा सुविधाओं में सुधार को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। विधानसभा परिसर में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रशिक्षकों के हित में कई सकारात्मक कदम उठाने पर सहमति बनी।
बैठक के दौरान प्रशिक्षकों के मानदेय को बढ़ाने और उसमें एकरूपता लाने के लिए PAB 2026-27 के स्वीकृत प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, मानदेय में हर वर्ष 5 प्रतिशत की वृद्धि की मांग को आगामी PAB 2027-28 के दौरान केंद्र सरकार के समक्ष रखने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। वर्तमान में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार के बीच 90:10 के वित्तीय अनुपात को देखते हुए, बढ़ती महंगाई के मद्देनजर राज्य सरकार की ओर से 20 प्रतिशत अतिरिक्त वित्तीय योगदान देने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
प्रशिक्षकों की सेवा सुविधाओं और छुट्टियों के नियमों में भी राहत देने की तैयारी है। फील्ड ड्यूटी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वार्षिक मेडिकल लीव को 6 दिन से बढ़ाकर 10 दिन करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। इसके अलावा, बदलते शैक्षणिक मानकों और कौशल विकास के लिए प्रशिक्षकों को बिना वेतन अधिकतम 1 वर्ष का अध्ययन अवकाश (Study Leave) देने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। पुरुष प्रशिक्षकों के लिए 15 दिनों के पितृत्व अवकाश और महिला प्रशिक्षकों के लिए चाइल्ड केयर लीव (CCL) की व्यवस्था पर भी सकारात्मक विचार करते हुए इसकी व्यावहारिकता जांचने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें प्रशिक्षकों की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशिक्षकों के मुद्दों का नियमानुसार और व्यावहारिक समाधान निकाला जाएगा। व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ ने इस सकारात्मक पहल के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया है, वहीं ये सभी प्रस्ताव आगामी औपचारिक स्वीकृतियों के बाद लागू किए जाएंगे।



