उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित जिला कौशल समिति की बैठक में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) 4.0 की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कौशल प्रशिक्षण प्रशिक्षकों (Trainers) के अनुसार नहीं, बल्कि युवाओं की रुचि, योग्यता और स्थानीय बाजार की मांग व रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखकर तय किए जाने चाहिए।
हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम (HPKVN) द्वारा शिमला जिले के लिए कुल 2,670 प्रशिक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें 1,080 शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग (ST) और 1,590 रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (RPL) शामिल हैं। इसके अलावा, 38वीं कार्यकारी समिति के तहत पर्यटन, आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) तथा पर्यावरण विज्ञान जैसे क्षेत्रों में 810 अभ्यर्थियों के लिए विशेष शॉर्ट टर्म प्रशिक्षण प्रस्तावित हैं। इनमें असिस्टेंट राफ्टिंग गाइड, नेचर गाइड, गेस्ट सर्विस एग्जीक्यूटिव और ग्रीन एनर्जी सुपरवाइजर जैसे रोजगारोन्मुखी जॉब रोल शामिल हैं।
बैठक में यह भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि शिमला स्थित आईएचएम (IHM) कुफरी में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के सदस्यों को हॉस्पिटैलिटी, कुकिंग और सर्विंग प्रेजेन्टेशन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल की शुरुआत के तहत सबसे पहले उपायुक्त परिसर की कैंटीन का संचालन कर रहीं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
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