उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में बुधवार को जिला में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा उपलब्ध बजट के तहत आपदा से प्रभावित विकास कार्यों की मरम्मत को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उपायुक्त ने सभी उपमंडल अधिकारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों, स्कूलों, पेयजल योजनाओं और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत के प्रस्ताव प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र भेजने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने बल देकर कहा कि क्षेत्र स्तर से प्रभावित कार्यों के प्रस्ताव तुरंत तैयार कर संबंधित एसडीएम के माध्यम से जिला प्रशासन को भेजे जाएं, ताकि पात्र मरम्मत कार्यों के लिए बजट का शीघ्र प्रावधान किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट जारी करने की प्रक्रिया में होने वाली देरी से बचने के लिए प्रत्येक प्रस्ताव के साथ डैमेज रिपोर्ट, विस्तृत एस्टीमेट और रिकवरी लेटर संलग्न करना अनिवार्य होगा।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा आपदा से प्रभावित योजनाओं की मरम्मत के लिए जिला स्तर पर पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया गया है, लेकिन धरातल से अपेक्षित संख्या में पूर्ण प्रस्ताव प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को निर्देश दिया कि वे ऐसे मामलों को प्राथमिकता पर चिन्हित कर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रस्ताव भेजना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, जिन विकास कार्यों के लिए एलओसी (Letter of Credit) जारी की जानी है, उसकी प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी की जाए ताकि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने एमपी लैड के तहत स्वीकृत कार्यों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को वर्षों से लंबित पड़े कार्यों को शीघ्र शुरू करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी इन कार्यों की प्रगति की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें और आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी करें। इसके अलावा, उन्होंने आपदा से संबंधित किसी भी मांगी गई जानकारी या रिपोर्ट को दो दिन के भीतर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि राहत एवं मरम्मत कार्यों में देरी न हो और जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े।
अंत में, उपायुक्त ने निर्देश दिए कि आपदा से प्रभावित योजनाओं की मरम्मत हेतु प्राथमिकता तय करते समय स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी आवश्यक फीडबैक और सुझाव लिए जाएं। जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार किए गए प्रस्तावों को उपायुक्त कार्यालय भेजा जाए, ताकि वास्तव में जरूरतमंद कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर बजट उपलब्ध करवाया जा सके।



