उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (AITP) वाहनों की अधिकतम संचालन अवधि 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने के प्रावधान को लागू करने की प्रक्रिया पूरी कर दी है। उन्होंने कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश के हजारों टैक्सी ऑपरेटरों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है।
उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग ने इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी कर संशोधित प्रावधानों के तहत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अधिसूचित कर दी है। पात्र AITP वाहन निर्धारित शर्तों को पूरा करने के बाद अब 15 वर्ष तक संचालित किए जा सकेंगे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय पर्यटन और परिवहन क्षेत्र से जुड़े हजारों वाहन संचालकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। लंबे समय से उठाई जा रही इस मांग के पूरा होने से ऑपरेटरों पर आर्थिक बोझ कम होगा और उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष प्रमुखता से उठाया था और हिमाचल प्रदेश में AITP टैक्सी ऑपरेटरों की समस्याओं से अवगत करवाया था। उन्होंने बताया कि राज्य में हजारों परिवार पर्यटन क्षेत्र पर निर्भर हैं और AITP वाहनों की संचालन अवधि बढ़ाना उनके हित में आवश्यक था। केंद्र सरकार द्वारा नियमों में संशोधन के बाद प्रदेश सरकार ने तुरंत प्रभाव से इसे लागू करने के लिए कदम उठाए।
उन्होंने बताया कि संशोधित प्रावधानों के अनुसार 15 वर्ष से कम पुराने पात्र AITP वाहनों को वैध फिटनेस प्रमाणपत्र, पंजीकरण प्रमाणपत्र, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC), सभी करों एवं सरकारी देयताओं के भुगतान सहित अन्य निर्धारित नियमों का पालन करने पर संचालन की अनुमति दी जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से न केवल टैक्सी ऑपरेटरों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। विशेषकर पर्यटन सीजन के दौरान बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में यह कदम सहायक साबित होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी पर्यटन और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए जनहितकारी और व्यावहारिक निर्णय लेती रहेगी।



