भारतीय नर्सिंग संस्थान, घणाहट्टी में सोमवार को फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में दीन दयाल उपाध्याय क्षेत्रीय अस्पताल, शिमला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
संस्थान की प्राचार्या प्रो. डॉ. संतोष मांटा ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए इस वर्ष की थीम “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य: देखभाल की आर्थिक शक्ति” के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला हैं और किसी भी अस्पताल की कार्यप्रणाली उनके बिना संभव नहीं है। उन्होंने छात्राओं को अपने पेशे के प्रति समर्पित, संवेदनशील और दक्ष बनने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. मांटा ने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं बल्कि मानव सेवा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के योगदान का उल्लेख करते हुए छात्राओं से सेवा भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. लोकेंद्र शर्मा ने अस्पताल प्रबंधन और रोगी देखभाल में नर्सों की अहम भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डॉक्टरों और नर्सों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। साथ ही उन्होंने प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और अस्पतालों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर संस्थान के प्रबंध निदेशक हिमांशु डोगरा, करिकुलम डायरेक्टर रुचि डोगरा, वाइस प्रिंसिपल चंचल शर्मा, एसएनए एडवाइजर प्रीति शर्मा सहित संस्थान के शिक्षक, स्टाफ और 300 से अधिक नर्सिंग छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्ज्वलन समारोह आयोजित किया गया तथा छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
हिमाचल : धातु (ताम्र पट्ट) अभिलेख, संदर्भ बिलासपुर – डॉ. कमल के. प्यासा



