पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली और अदालतों में बार-बार निरस्त हो रहे सरकारी फैसलों को लेकर मुख्यमंत्री पर जोरदार हमला बोला है। हमीरपुर दौरे के दौरान जारी बयान में उन्होंने कहा कि ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नाम पर मुख्यमंत्री असंवैधानिक नियमों, नीतियों और फैसलों का नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। सलाहकारों और विशेषज्ञों की बड़ी फौज होने के बावजूद सरकार के निर्णय बार-बार हाईकोर्ट में असंवैधानिक साबित हो रहे हैं, जिससे प्रदेश सरकार की भारी फजीहत हो रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने मेडिकल अफसरों की भर्ती में ‘जॉब ट्रेनी’ नीति को असंवैधानिक करार देकर रद्द करने के हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधानसभा से लेकर सड़कों तक इस नीति का विरोध किया था और इसे युवाओं व डॉक्टरों के भविष्य के खिलाफ बताया था, लेकिन सत्ता के अहंकार में चूर सरकार ने किसी की नहीं सुनी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री खुद को कानून का जानकार बताते हैं, तो फिर उनकी सरकार के कानून और नीतियां न्यायिक समीक्षा में टिक क्यों नहीं पाते?
जयराम ठाकुर ने प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। प्रदेश के अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में ढांचागत व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। अस्पतालों में मशीनें तो खरीद ली गई हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए रेडियोलॉजिस्ट और तकनीशियन तैनात नहीं हैं। आलम यह है कि राज्य के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में पिछले 10 महीनों से ओपन हार्ट सर्जरी पूरी तरह ठप पड़ी है। उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वह जनसभाओं में घूम-घूम कर झूठ बोलना बंद करें और जनहित में वास्तविक कानूनविदों की राय लेकर काम करें।
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