राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला के सभागार में पोषण माह अभियान 2025 के समापन समारोह का आयोजन शनिवार को किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
समारोह में उपायुक्त ने पोषाहार प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा “एक पेड़ माँ के नाम” और “एक बूटा बेटी के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कर पर्यावरण और भावनात्मक जुड़ाव का संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि शिक्षा ही उन्हें सशक्त नागरिक बनने की दिशा में ले जाती है। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों के पोषण के साथ-साथ उन्हें सामाजिक बुराइयों से दूर रखने और शिक्षा पर केंद्रित करने की जिम्मेदारी भी निभाएं।
उपायुक्त ने बताया कि पोषण माह के दौरान जिले में लगभग 25,000 गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जो जमीनी स्तर तक पहुंची हैं। उन्होंने पोषण को सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि एक जीवनशैली, आंदोलन और राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया। अभियान में बाल पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, मोटापा नियंत्रण, पुरुषों की सहभागिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाई गई।
समारोह में मैत्री संस्था द्वारा गोद भराई, अन्नप्राशन और विद्या आरंभ प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। संस्था ने बच्चों को खिलौने और 160 ट्रैकसूट भी प्रदान किए। इस अवसर पर वार्षिक पोषण कैलेंडर का विमोचन भी किया गया। आंगनवाड़ी बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया।
इस मौके पर जिले के विभिन्न खंडों से राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। इनमें फ्लाइंग ऑफिसर आदित्य चंदेल, खो-खो में पल्लवी ठाकुर, क्रिकेटर दिविषा शर्मा, आइस स्केटर हिपशिता, सॉफ्टबॉल खिलाड़ी पारुल, बॉक्सर वंदना सहित अन्य प्रतिभागी शामिल रहे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल ने बताया कि यह अभियान भारत सरकार के “पोषण 2.0 मिशन” के अंतर्गत 17 सितंबर से 16 अक्टूबर 2025 तक चलाया गया। अभियान के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों और समुदायों की सहभागिता सुनिश्चित की गई।


